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पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग: लकà¥à¤·à¤£, कारण ,उपचार और बचाव? | Parkinson’s rog: Lakshan, karan, upchar aur bachav?
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• लकà¥à¤·à¤£ कारण शरीर पर असर निदान इलाज दवाओं बचाव शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग à¤à¤• पà¥à¤°à¤—तिशील विकार है जो नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ शरीर के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। इसके लकà¥à¤·à¤£ धीरे-धीरे शà¥à¤°à¥‚ होते हैं। पहला लकà¥à¤·à¤£ सिरà¥à¤« à¤à¤• हाथ में बमà¥à¤¶à¥à¤•िल धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने योगà¥à¤¯ कंपन हो सकता है। इसमें कंपन आम हैं, लेकिन ये विकार शरीर की गतिशीलता और लचीलेपन को कम कर सकता है।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरणों में, आपके चेहरे पर बहà¥à¤¤ कम या कोई à¤à¤¾à¤µ नहीं दिख है। जब आप चलते हैं तो हो सकता है कि आपके हाथ सामानà¥à¤¯ तरीके से आगे पीछे ना हों। आपकी वाणी में नरमी या कटà¥à¤¤à¤¾ आ सकती है। जैसे-जैसे आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ समय के साथ बढ़ती है, पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के लकà¥à¤·à¤£ बिगड़ते जाते हैं।
किन लोगों को इसके होने का खतरा हो सकता है?| Kin logon ko iske hone ka khatra ho sakta hai?
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के जोखिम कारकों में शामिल हैं:
आयà¥
यà¥à¤µà¤¾ और वयसà¥à¤• शायद ही कà¤à¥€ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का अनà¥à¤à¤µ करते हैं। यह आम तौर पर जीवन के मधà¥à¤¯ या देर से शà¥à¤°à¥‚ होता है, और इसका जोखिम उमà¥à¤° के साथ बढ़ता जाता है। लोग आमतौर पर 60 या उससे अधिक उमà¥à¤° के आसपास बीमारी का विकास करते हैं। यदि किसी यà¥à¤µà¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग है, तो अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक परामरà¥à¤¶ परिवार नियोजन निरà¥à¤£à¤¯ लेने में सहायक हो सकता है। कारà¥à¤¯, सामाजिक परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ और दवा के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग वाले वृदà¥à¤§ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं ।
हेरेडिटी
परिवार में किसी को पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग होने से इस बीमारी के विकसित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। हालांकि, जब तक कि आपके परिवार में पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से पीड़ित कई रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° न हों तब तक इसके होने का खतरा कम होता है।
लिंग
महिलाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग विकसित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है।
विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• में आना
जड़ी-बूटियों और कीटनाशकों के लगातार संपरà¥à¤• में रहने से पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है।
यह रोग कितना आम है ? | ye rog kitna aam hai?
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग समगà¥à¤° रूप से बहà¥à¤¤ आम है, उमà¥à¤° से संबंधित डीजनरेटिव बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डिज़ीज़ में यह दूसरे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर है। यह सबसे आम मोटर संबधी मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• रोग à¤à¥€ है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है कि यह दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में 60 वरà¥à¤· से अधिक आयॠके कम से कम 1% लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ और पारà¥à¤•िंसनिज़à¥à¤® में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है? | Parkinsons aur Parkinsonism mein kya antar hai?
पारà¥à¤•िंसनिज़à¥à¤®, जिसे à¤à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤¿à¤•ल पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ या पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ पà¥à¤²à¤¸ à¤à¥€ कहा जाता है, नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के à¤à¤• समूह का वरà¥à¤£à¤¨ करने के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाने वाला शबà¥à¤¦ है। दिलचसà¥à¤ª बात यह है कि पारà¥à¤•िंसनिज़à¥à¤® के निदान किठगठसà¤à¥€ मामलों में पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ केवल 10-15% का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करता है। पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाओं के अध: पतन के कारण होता है, जबकि पारà¥à¤•िंसनिज़à¥à¤® के कारण कई हैं, दवाओं के साइड इफेकà¥à¤Ÿ से लेकर पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ सिर के आघात से लेकर मेटाबालिज़à¥à¤® संबंधी बीमारियों से लेकर विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से लेकर नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल बीमारियों तक।
कà¥à¤¯à¤¾ यह रोग संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है | Is Parkinson's disease contagious?
यह रोग संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• नहीं है। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों में पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ का कारण उनके जीन और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ का मिशà¥à¤°à¤£ है।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के लकà¥à¤·à¤£ | parkinson’s rog ke lakshan
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के संकेत और लकà¥à¤·à¤£ हर किसी के लिठअलग-अलग हो सकते हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकेत हलà¥à¤•े हो सकते हैं और उनपर किसी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं जाता है। लकà¥à¤·à¤£ अकà¥à¤¸à¤° शरीर के à¤à¤• तरफ से शà¥à¤°à¥‚ होते हैं और उसी तरफ बदतर होते जाते हैं, à¤à¤²à¥‡ ही लकà¥à¤·à¤£ दोनों तरफ के अंगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करना शà¥à¤°à¥‚ कर दें।पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ के संकेतों और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हो सकते हैं:
कंपन
कंपन आमतौर पर à¤à¤• अंग में शà¥à¤°à¥‚ होता है,जैसे अकà¥à¤¸à¤° आपके हाथ या उंगलियों में। आप अपने अंगूठे और तरà¥à¤œà¤¨à¥€ को आगे और पीछे रगड़ सकते हैं। इसे पिल-रोलिंग टà¥à¤°à¥‡à¤®à¤° के रूप में जाना जाता है। आपका हाथ आराम की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होने पर कांप सकता है। जब आप कारà¥à¤¯ कर रहे हों तो कंपन कम हो सकता है।
धीमी चाल (बà¥à¤°à¥ˆà¤¡à¥€à¤•िनेसिया)
समय के साथ, पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग आपके चलने-फिरने की गति को धीमा कर सकता है, जिससे सरल कारà¥à¤¯ कठिन और समय लेने वाले हो सकते हैं। जब आप चलते हैं तो आपके कदम छोटे हो सकते हैं। कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ से उठना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। जब आप चलने की कोशिश करते हैं तो आप अपने पैरों को घसीट कर चलने लगते हैं या à¤à¤¾à¤° को à¤à¤• पैर से दूसरे पैर पर सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करते रहते हैं ।
मांसपेशियों में अकड़न
आपके शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में मांसपेशियों में अकड़न हो सकती है। अकड़ी हà¥à¤ˆ मांसपेशियां दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• हो सकती हैं और आपकी गति की सीमा को सीमित कर सकती हैं।
बिगड़ा हà¥à¤† पोशà¥à¤šà¤° और संतà¥à¤²à¤¨
आपका पोशà¥à¤šà¤° à¤à¥à¤•ा हà¥à¤† हो सकता है। या आप पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प गिर सकते हैं या संतà¥à¤²à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक गतिविधियों की हानि
आपकी पलक à¤à¤ªà¤•ने, मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ या अपनी बाहों को à¤à¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ जैसी गतिविधियां होना बंद हो जाती हैं।
बोलने में परिवरà¥à¤¤à¤¨
आप धीमी गति में बोल सकते हैं,या तेज़ गति में बोल सकते हैं। बोलने में लड़खड़ा सकते हैं या हिचकिचा सकते हैं। आपके बोलने का तरीका सामानà¥à¤¯ बोलने के पैटरà¥à¤¨ के बजाय बिना किसी à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का हो सकता है।
लेखन में परिवरà¥à¤¤à¤¨
लिखना कठिन हो सकता है, और आपका लेखन छोटा दिखाई दे सकता है
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं? What causes Parkinson’s Disease?
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग में, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में कà¥à¤› तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कोशिकाà¤à¤‚ (नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸) धीरे-धीरे टूट जाती हैं या मर जाती हैं। कई लकà¥à¤·à¤£ नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ के नà¥à¤•सान के कारण होते हैं जो आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में डोपामाइन नामक à¤à¤• रासायनिक संदेशवाहक उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करते हैं। जब डोपामाइन का सà¥à¤¤à¤° कम हो जाता है, तो यह असामानà¥à¤¯ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• गतिविधि का कारण बनता है, जिससे गतिशीलता में कमी और पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का कारण अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होता है कि कई कारक à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, जिनमें शामिल हैं:
जीन
शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने विशिषà¥à¤Ÿ आनà¥à¤µà¤‚शिक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की पहचान की है जो पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का कारण बन सकते हैं। लेकिन पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ परिवार के कई सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों को छोड़कर ये असामानà¥à¤¯ हैं।हालांकि, कà¥à¤› जीन विविधताà¤à¤‚ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ टà¥à¤°à¤¿à¤—रà¥à¤¸
कà¥à¤› विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ या परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारकों के संपरà¥à¤• में आने से बाद में पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन जोखिम कम होता है।
शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने यह à¤à¥€ नोट किया है कि पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से पीड़ित लोगों के दिमाग में कई बदलाव होते हैं, हालांकि यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं है कि ये परिवरà¥à¤¤à¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होते हैं। इन परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
लेवी बॉडीज -मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कोशिकाओं के à¤à¥€à¤¤à¤° विशिषà¥à¤Ÿ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के गà¥à¤šà¥à¤›à¥‡ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के सूकà¥à¤·à¥à¤® संकेत हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लेवी बॉडीज कहा जाता है, और शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का मानना है कि ये लेवी बॉडीज पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का कारण हो सकती हैं।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का शरीर पर असर? Parkinson’s rog ka sharer par asar?
हाथों में कंपन
पोशà¥à¤šà¤° में विकृति
मोटर डिसà¥à¤«à¤‚कà¥à¤¶à¤¨
चलने में असमानà¥à¤¯à¤¤à¤¾
मांसपेशियों में अकड़न
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का निदान ? |Parkinson's rog ka nidan?
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के निदान के लिठकोई विशिषà¥à¤Ÿ परीकà¥à¤·à¤£ नहीं है। नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास, आपके संकेतों और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की समीकà¥à¤·à¤¾ और à¤à¤• नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल और शारीरिक परीकà¥à¤·à¤¾ के आधार पर पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का निदान करेंगे।कà¤à¥€-कà¤à¥€ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का निदान करने में समय लगता है। चिकितà¥à¤¸à¤• समय के साथ आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने और पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का निदान करने के लिठगतिशीलता में विकारों के बारे में पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिसà¥à¤Ÿ से नियमित अंतराल पर मिलने का परामरà¥à¤¶ दे सकते हैं।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का पता लगाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं ? What tests will be done to diagnose Parkinson's disease?
आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤• विशिषà¥à¤Ÿ सिंगल-फोटॉन à¤à¤®à¤¿à¤¶à¤¨ कमà¥à¤ªà¥à¤¯à¥‚टराइज़à¥à¤¡ टोमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ (à¤à¤¸à¤ªà¥€à¤ˆà¤¸à¥€à¤Ÿà¥€) सà¥à¤•ैन का सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकते हैं जिसे डोपामाइन टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपोरà¥à¤Ÿà¤° (डीà¤à¤Ÿà¥€) सà¥à¤•ैन कहा जाता है। यह समà¤à¤¨à¥‡ में मदद कर सकता है कि आपको पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग है।हालांकि आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल परीकà¥à¤·à¤¾ से ही सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता चल सकता है। अधिकांश लोगों को डीà¤à¤Ÿà¥€ सà¥à¤•ैन की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है।सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाने के लिठरकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ किया जा सकता है।
इमेजिंग परीकà¥à¤·à¤£ - जैसे à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और पीईटी सà¥à¤•ैन - का उपयोग अनà¥à¤¯ विकारों को दूर करने में मदद के लिठà¤à¥€ किया जा सकता है। पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के निदान के लिठइमेजिंग परीकà¥à¤·à¤£ विशेष रूप से सहायक नहीं होते हैं।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का इलाज | Parkinson's rog ka Ilaj
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन दवाà¤à¤‚ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकती हैं । कà¥à¤› और उनà¥à¤¨à¤¤ मामलों में, सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सलाह दी जा सकती है।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ का इलाज कैसे किया जाता है और कà¥à¤¯à¤¾ ये पूरी तरह ठीक हो सकता है? | parkinson’s rog ka ilaj kaise kiya jata hai aur kya ye poori tarah thik ho sakta hai?
आपके चिकितà¥à¤¸à¤• जीवनशैली में बदलाव, विशेष रूप से चल रहे à¤à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की à¤à¥€ सिफारिश कर सकते हैं। कà¥à¤› मामलों में, फिज़िकल थेरेपी जो संतà¥à¤²à¤¨ और खिंचाव पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ है, महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। à¤à¤• सà¥à¤ªà¥€à¤š लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ पैथोसॉजिसà¥à¤Ÿ बोलने की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में मदद कर सकते हैं।
सरà¥à¤œà¤°à¥€
डीप बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨
डीप बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ (डीबीà¤à¤¸) में, सरà¥à¤œà¤¨ इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¡ को मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के à¤à¤• विशिषà¥à¤Ÿ हिसà¥à¤¸à¥‡ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ करते हैं। इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¡ आपके कॉलरबोन के पास आपकी छाती में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¤ à¤à¤• जनरेटर से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं जो आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल पलà¥à¤¸à¥‡à¤¸ à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है और आपके पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम कर सकता है।आपके चिकितà¥à¤¸à¤• आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का इलाज करने के लिठआपकी सेटिंगà¥à¤¸ को आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° समायोजित कर सकते हैं। सरà¥à¤œà¤°à¥€ में संकà¥à¤°à¤®à¤£, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• या बà¥à¤°à¥‡à¤¨ हेमरेज जैसे कई जोखिम शामिल हैं। कà¥à¤› लोगों को डीबीà¤à¤¸ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के साथ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का अनà¥à¤à¤µ होता है या उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ के कारण जटिलताà¤à¤‚ होती हैं। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को सिसà¥à¤Ÿà¤® के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को समायोजित करने या बदलने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।डीबीà¤à¤¸ अकà¥à¤¸à¤° उनà¥à¤¨à¤¤ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग वाले लोगों को दी जाती है जिनपर दवाओं का ठीक असर नहीं होता है। डीबीà¤à¤¸ दवा के उतार-चढ़ाव को सà¥à¤¥à¤¿à¤° कर सकता है, डिसà¥à¤•ेनेसिया को कम या रोक सकता है, कंपकंपी को कम कर सकता है, कठोरता को कम कर सकता है और मूवमेंट में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है।हालांकि, डीबीà¤à¤¸ उन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठमददगार नहीं है जो कंपन के अलावा लेवोडोपा थेरेपी का जवाब नहीं देती हैं। डीबीà¤à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‡à¤®à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है, à¤à¤²à¥‡ ही कंपन लेवोडोपा के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ संवेदनशील न हो।हालांकि डीबीà¤à¤¸ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठनिरंतर लाठपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है, यह पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग को बढ़ने से नहीं रोकता है।
à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स उपचार
à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ- गाइडेड फोकसà¥à¤¡ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤• नà¥à¤¯à¥‚नतम इनवेसिव उपचार है जिसने पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से पीड़ित कà¥à¤› लोगों को टà¥à¤°à¥‡à¤®à¤°à¥à¤¸ से निपटने में मदद की है। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤• à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ किया जाता है जहां à¤à¤Ÿà¤•े शà¥à¤°à¥‚ होते हैं। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड तरंगें बहà¥à¤¤ उचà¥à¤š तापमान पर होती हैं और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के उन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को जला देती हैं जो टà¥à¤°à¥‡à¤®à¤° का कारण बन रहे हैं।
किन दवाओं का उपयोग किया जाता है? | kin dawaon ka upyog kiya jata hai?
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग में दवाà¤à¤‚ आपको चलने, हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ और कंपकंपी की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन करने में मदद कर सकती हैं। ये दवाà¤à¤‚ डोपामाइन को बढ़ाती हैं या पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करती हैं।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से पीड़ित लोगों के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में डोपामाइन की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। हालाà¤à¤•ि, डोपामाइन सीधे नहीं दिया जा सकता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ नहीं कर सकता।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग का उपचार शà¥à¤°à¥‚ करने के बाद आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में उलà¥à¤²à¥‡à¤–नीय सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है। हालांकि, समय के साथ, दवाओं के लाठअकà¥à¤¸à¤° कम हो जाते हैं या कम सà¥à¤¸à¤‚गत हो जाते हैं। आप आमतौर पर अà¤à¥€ à¤à¥€ अपने लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ तरह से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ देखà¤à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ जो दवाà¤à¤‚ लिख सकते हैं उनमें शामिल हैं:
कारà¥à¤¬à¤¿à¤¡à¥‹à¤ªà¤¾- लेवोडोपालेवोडोपा, सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग की दवा है, यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रसायन है जो आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में जाता है और डोपामाइन में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाता है।लेवोडोपा को कारà¥à¤¬à¤¿à¤¡à¥‹à¤ªà¤¾ (लोडोसिन) के साथ जोड़ा जाता है, जो लेवोडोपा को आपके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के बाहर डोपामाइन में पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• रूपांतरण से बचाता है। यह मतली जैसे दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को रोकता या कम करता है।कारà¥à¤¬à¤¿à¤¡à¥‹à¤ªà¤¾-लेवोडोपा को खाली पेट लेना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है यदि आपको à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग है।
इनहेलà¥à¤¡ कारà¥à¤¬à¤¿à¤¡à¥‹à¤ªà¤¾- लेवोडोपायह उन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन में सहायक हो सकता है जो तब उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं जब मौखिक दवाà¤à¤‚ अचानक काम करना बंद कर देती हैं।
कारà¥à¤¬à¤¿à¤¡à¥‹à¤ªà¤¾- लेवोडोपा इंफà¥à¤¯à¥‚ज़नइसे à¤à¤• फीडिंग टà¥à¤¯à¥‚ब के माधà¥à¤¯à¤® से दिया जाता है जो दवा को जेल के रूप में सीधे छोटी आंत में पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¤¾ है।डà¥à¤“पा अधिक उनà¥à¤¨à¤¤ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ वाले रोगियों के लिठहै जिनपर कारà¥à¤¬à¤¿à¤¡à¥‹à¤ªà¤¾-लेवोडोपा का असर होता है, लेकिन उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में बहà¥à¤¤ अधिक उतार-चढ़ाव होता है।
डोपामाइन à¤à¤—ोनिसà¥à¤Ÿà¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¡à¥‹à¤ªà¤¾ के विपरीत, डोपामाइन à¤à¤—ोनिसà¥à¤Ÿ डोपामाइन में नहीं बदलते हैं। इसके बजाय, वे आपके दिमाग में डोपामिन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ की नकल करते हैं।डोपामाइन à¤à¤—ोनिसà¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के इलाज में लेवोडोपा जितना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं है। हालांकि, वे लंबे समय तक रहते हैं और लेवोडोपा के कà¤à¥€-कà¤à¥€ बंद होने वाले पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ करने के लिठलेवोडोपा के साथ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है।
à¤à¤®à¤à¤“ बी अवरोधकइन दवाओं में सेलेगिलिन (ज़ेलापार), रासगिलीन (à¤à¤œà¤¼à¤¿à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿ) और सेफ़िनामाइड (à¤à¤•à¥à¤¸à¤¡à¤¾à¤—ो) शामिल हैं। वे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• à¤à¤‚जाइम मोनोमाइन ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤œ बी (à¤à¤®à¤à¤“ बी) को बाधित करके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• डोपामाइन के टूटने को रोकने में मदद करते हैं। यह à¤à¤‚जाइम बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डोपामाइन को मेटाबोलाइज करता है।
कैटेकोल ओ- मिथाइलटà¥à¤°à¤¾à¤‚सफेरेज़ अवरोधकयह दवा डोपामिन को तोड़ने वाले à¤à¤‚जाइम को अवरà¥à¤¦à¥à¤§ करके लेवोडापा थेरेपी के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को हलà¥à¤•े ढंग से बढ़ाती है।
à¤à¤‚टीकोलिनरà¥à¤œà¤¿à¤•à¥à¤¸
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कंपन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद के लिठइन दवाओं का कई वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ तक उपयोग किया गया है।
अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ कैसे रखें और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित कैसे करें? | Apna dhyan kaise rakhein aur lakshano ko prabandhit kaise karein?
नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।इससे आपके शरीर का लचीलापन ,संतà¥à¤²à¤¨ और मांसपेशियों का ताकत बढ़ेगी।
गिरने से बचें
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ होने पर संतà¥à¤²à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ गिरना à¤à¤• वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• चिंता का विषय बन सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤› सावधानिया बरतें जैसे जब आप कदम बढ़ाà¤à¤‚ तो सबसे पहले अपनी à¤à¤¡à¤¼à¥€ लगाà¤à¤‚। तेज़ी से न हिलें। चलते समय अपनी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को सीधा रखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें, और नीचे की बजाय आगे देखें। धà¥à¤°à¥€ के बजाय यू-टरà¥à¤¨ के साथ दिशाà¤à¤‚ बदलें।
अचà¥à¤›à¥€ नींद लें
सोने से पहले आरामदेह दिनचरà¥à¤¯à¤¾ बनाà¤à¤‚ और हर रात इसका पालन करें। à¤à¤• समय-सारणी पर टिके रहें । सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ से बचें और रात में अपने कमरे में अंधेरा रखें। सोने से कम से कम 4 घंटे पहले कैफीन, शराब से दूर रहें और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
अपनी टीम का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° करें
आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का इलाज करेंगे। आपके चलने-फिरने में आपकी मदद करने के लिठफिजिकल थेरेपिसà¥à¤Ÿ हैं। आपके बोलने और निगलने में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठसà¥à¤ªà¥€à¤š थेरेपी। संगीत, कला, या पालतू चिकितà¥à¤¸à¤¾ आपके मूड को बेहतर बनाने और आपको आराम करने में मदद करने के लिà¤à¥¤ दरà¥à¤¦ में मदद के लिठà¤à¤•à¥à¤¯à¥‚पंकà¥à¤šà¤°à¥¤ अपनी मांसपेशियों के तनाव को कम करने के लिठमालिश करें।
दूसरों से समरà¥à¤¥à¤¨ मांगें
जब आप पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ से निपट रहे हों तो दोसà¥à¤¤ और परिवार आपकी मदद का à¤à¤• बड़ा सà¥à¤°à¥‹à¤¤ हो सकते हैं। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€, किसी à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से संबंधित होने में सकà¥à¤·à¤® होना राहत की बात है जो जानता है कि बीमारी से निपटने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ पसंद है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त रूप से या ऑनलाइन सहायता समूह आराम और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• सलाह दे सकते हैं।
इलाज के बाद कितने समय में आराम मिल जाता है और रिकवर होने में कितना समय लग सकता है? | Ilaj ke baad kitne samay mein aram mil jata hai aur recover hone mein kitna samay lagta hai?
इलाज के बाद रोगी को ठीक होने की कोई निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ अवधि तय नहीं है। ये रोगी को लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ औऱ उसपर दवाओं के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पर निरà¥à¤à¤° करता है।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से बचाव | Parkinson's rog se bachav
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ का कारण अजà¥à¤žà¤¾à¤¤ है, इस बीमारी को रोकने के लिठकोई सिदà¥à¤§ तरीके नहीं हैं। कà¥à¤› शोधों से पता चला है कि नियमित à¤à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के जोखिम को कम कर सकता है।
इस रोग के जोखिम से कैसे बचें? | Is rog ka jokhim se kaise bachein?
नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें।
कैफीन के सेवन से बचें जैसे कॉफी, चाय और कोला ।
गà¥à¤°à¥€à¤¨ टी पिà¤à¤‚ ,इससे पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के विकास का जोखिम कम होता है।
शराब और नशीले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से दूर रहें।
इस रोग को होने पर कà¥à¤¯à¤¾ कठिनाई आ सकती है? | Is rog ke hone par kya kathinai aa sakti hai?
सोचने में कठिनाई
आप डिमेंशिया और सोचने में कठिनाइयों का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं। ये आमतौर पर पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के बाद के चरणों में होते हैं। à¤à¤¸à¥€ संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को आमतौर पर दवाओं से मदद नहीं मिलती है।
अवसाद और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨
आप अवसाद का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं, कà¤à¥€-कà¤à¥€ बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ होता है। अवसाद के लिठउपचार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने से पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग की अनà¥à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सामना करना आसान हो सकता है।आप अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं, जैसे à¤à¤¯, चिंता या पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ की हानि।
निगलने में समसà¥à¤¯à¤¾
जैसे-जैसे आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बिगड़ती है, आपको निगलने में कठिनाई हो सकती है। धीमी गति से निगलने के कारण लार आपके मà¥à¤‚ह में जमा हो सकती है, जिससे लार टपकती है।चबाने और खाने की समसà¥à¤¯à¤¾ अंतिम अवसà¥à¤¥à¤¾ में पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग मà¥à¤‚ह की मांसपेशियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जिससे चबाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। इससे चोकिंग और खराब पोषण हो सकता है।
नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ और नींद संबंधी विकार
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से पीड़ित लोगों को अकà¥à¤¸à¤° नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, जिसमें रात à¤à¤° बार-बार जागना, जलà¥à¤¦à¥€ जागना या दिन में सो जाना शामिल है।लोग रैपिड आई मूवमेंट सà¥à¤²à¥€à¤ª बिहेवियर डिसऑरà¥à¤¡à¤° का à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं । दवाà¤à¤‚ आपकी नींद में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकती हैं।
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं, जिसमें मूतà¥à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ या कठिनाई शामिल है।
कबà¥à¤œ
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग वाले कई लोग कबà¥à¤œ विकसित करते हैं, मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से धीमे पाचन तंतà¥à¤° के कारण।
इसके अलावा बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में बदलाव,सूंघने की शकà¥à¤¤à¤¿ का कम होना,थकान,दरà¥à¤¦, सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल डिसà¥à¤«à¤‚कà¥à¤¶à¤¨ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ à¤à¥€ हो सकते हैं।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ के रोगी अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ कैसे रखें? | Parkinson’s ke rogi apna dhyan kaise rakhein?
यदि पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ के कारण हाथ या उंगलियां सखà¥à¤¤ हैं, तो इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• टूथबà¥à¤°à¤¶ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
अगर लार टपकने की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो à¤à¤• छोटा तौलिया साथ में रखें।
à¤à¤• इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• शेवर शेविंग को आसान बना सकता है।
नहाने में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और आराम के लिà¤, यदि संà¤à¤µ हो तो शॉवर का उपयोग करें। टब में गिरने का खतरा हो सकता है।
शावर सà¥à¤Ÿà¥‚ल पर बैठकर नहाà¤à¤‚।
रबड़ के सोल वाले जूतों से बचें। वे टà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¿à¤‚ग का कारण बन सकते हैं।
डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग को सिंपल बनाà¤à¤‚। आसानी से पहने जा पाने वाले कपड़े ही पहनें।
खाना में फाइबर अधिक लें। साबà¥à¤¤ अनाज, चोकर अनाज, फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤ - कबà¥à¤œ से बचाà¤à¤‚गे।
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ को रोकने के लिठदिन में कम से कम तीन बार कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ लें।
निगलने में परेशानी हो रही है, तो नरà¥à¤®, मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
संगीत और विशà¥à¤°à¤¾à¤® निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ इमेजरी कंपन को कम करने में सहायता कर सकती है।
मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कब मिलना चाहिà¤? | Mujhe doctor se kab milna chahiye?
अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कंपकंपी, मांसपेशियों में जकड़न, संतà¥à¤²à¤¨ की हानि, या गति धीमी होने का अनà¥à¤à¤µ होता है, तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤ यदि लकà¥à¤·à¤£ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ का सà¥à¤à¤¾à¤µ देते हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° रोगी को नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिसà¥à¤Ÿ या जेरिटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¥Ÿà¤¨ जैसे विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के पास à¤à¥‡à¤œ सकते हैं।
किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग कैसे होता है? | kisi vyakti kp Parkinson’s rog kaise hota hai?
जेनेटिक कारणों से ,आसपास के वातावरण के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से,कà¥à¤› दवाओं के कारण पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ हो सकता है।इसमें मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के नरà¥à¤µ सेलà¥à¤¸ को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चती है।
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं? | Parkinson’s rog ke shuruati lakshan kya hain?
हाथों में कंपन, शरीर के संतà¥à¤²à¤¨ में कमी,मांसपेशियों में अकड़न, पोशà¥à¤šà¤° में विकृति, बोलने और लिखावट में बदलाव इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हैं।
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